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जानें हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और लो-बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में अंतर और इनसे बचाव के लिठजरूरी उपाय
असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खानपान और आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवनशैली की वजह से आज के दौर में लोग तमाम बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जीवनशैली और खानपान की वजह से होने वाली सबसे आम बीमारी है बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°à¥¤ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ न सिरà¥à¤« आपके शरीर में खून के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में असंतà¥à¤²à¤¨ को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥€ है बलà¥à¤•ि इसकी वजह से शरीर और सेहत पर कई अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ पड़ते हैं। हृदय (हारà¥à¤Ÿ) हमारे शरीर के सà¤à¥€ अंगों में खून को पंप करने का काम करता है। जब तक हारà¥à¤Ÿ सामानà¥à¤¯ तरीके से शरीर के सà¤à¥€ अंगों में खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ करता है तब तक इसे सामानà¥à¤¯ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° माना जाता है। लेकिन इसके सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में आने वाली समसà¥à¤¯à¤¾ को बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ कहते हैं। बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की बीमारी दो तरह की होती है, à¤à¤• जिसे हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° यानि उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (Hypertension or High BP) कहते हैं वहीं दूसरे को लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° यानि निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (Hypotension or Low BP) कहा जाता है। हाई और लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की बीमारी की वजह से आपको दिल से जà¥à¥œà¥€ गंà¤à¥€à¤° बीमारियां हो सकती हैं। इस लेख में आइये दिलà¥à¤²à¥€ के इनà¥à¤¦à¥à¤°à¤ªà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥ अपोलो हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² के सीनियर कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ डॉ के के कपूर से विसà¥à¤¤à¤¾à¤° में जानते हैं हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में अंतर (Difference Between Hypertension and Hypotension) और इनके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ के बारे में।
हाई और लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में अंतर (
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की बीमारी को à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ माना जाता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में हमारा हृदय शरीर में ठीक ढंग से खून को पंप नहीं करता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ को समय पर नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ न करने की वजह से दिल का दौरा, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• और किडनी फेलियर जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। वहीं लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में आपका हृदय शरीर में औसत मानक से कम खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ करता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ मरीज को तमाम दिकà¥à¤•तें होती हैं।
कितनी होती है हाई और लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की रीडिंग?
सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 130 से 139 mm Hg के बीच
डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 80 से 90 mm Hg के बीच
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 90 mm Hg से कम
डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 60 mm Hg से कम
सामानà¥à¤¯ बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 120 mmHg
डायासà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• - 80 mm Hg
कà¥à¤¯à¤¾ है हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° (उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª) की बीमारी? (
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° या हाइपरटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ में आपका हृदय धमनियों में सामानà¥à¤¯ से अधिक रकà¥à¤¤ पंप करता है। यह समसà¥à¤¯à¤¾ धीरे-धीरे विकसित होती है। आज के समय में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के मामले बहà¥à¤¤ आम हैं। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की वजह से आपको हारà¥à¤Ÿ फेलियर, हारà¥à¤Ÿ अटैक और हारà¥à¤Ÿ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• जैसे समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के साथ किडनी के फेल होने का खतरा रहता है। इसके पीछे खानपान और आधà¥à¤¨à¤¿à¤• जीवनशैली को पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण माना जाता है।
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के कारण
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की बीमारी असंतà¥à¤²à¤¿à¤¤ खानपान और जीवनशैली की वजह से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोगों में देखने को मिलती है। शराब, कैफीन और सिगरेट का सेवन करने वाले लोगों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ आम है। हालांकि इस समसà¥à¤¯à¤¾ के दो कारण हो सकते हैं। पहला उमà¥à¤° की वजह से हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ और दूसरा खानपान, जीवनशैली और शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की वजह से हाइपरटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण इस पà¥à¤°à¤•ार हैं।
मोटापा
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• शराब का सेवन
नमक का अधिक सेवन
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨
डायबिटीज (मधà¥à¤®à¥‡à¤¹)
आनà¥à¤µà¤‚शिक कारण
तनाव, चिंता और अवसाद की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
उमà¥à¤° बढ़ने की वजह से
थायराइड की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
किडनी की बीमारी
अधिवृकà¥à¤• गà¥à¤°à¤‚थि टà¥à¤¯à¥‚मर
दरà¥à¤¦ निवारक दवाओं का अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से
गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• गोलियों का नियमित सेवन
नशीली दवाओं का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में विशेष लकà¥à¤·à¤£ नहीं देखे जाते हैं और इसकी वजह से ही इसका शिकार होने के बाद लोगों को इसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में पता चल पाता है। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ का लगातार सामना करता पड़ सकता है। इसके अलावा हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंड के मौसम में बà¥à¤¤à¥€ है। बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की जांच के बाद इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता चलता है। हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सिरदरà¥à¤¦, घबराहट और अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पसीना आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° (निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª) की समसà¥à¤¯à¤¾
हाइपोटेंशन यानि लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रेंज 90/60 से कम होता है। अगर नियमित रूप से बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की जांच करने पर आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° रेंज इससे कम आता है तो इसका मतलब यह है कि आप बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ के शिकार हैं। लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की बीमारी à¤à¥€ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की तरह से धीरे-धीरे शरीर में विकसित होती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में आपका हृदय शरीर के सà¤à¥€ अंगों में सामानà¥à¤¯ से धीमी गति से रकà¥à¤¤ को पंप करता है।
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° (निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª) के कारण
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° यानि निमà¥à¤¨ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहती है तो इसके à¤à¥€ गंà¤à¥€à¤° परिणाम हो सकते हैं। शरीर में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में गिरावट यानि लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण इस पà¥à¤°à¤•ार से हैं।
रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में संकà¥à¤°à¤®à¤£
डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾
थायराइड
चोट आदि के कारण
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ की वजह से
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान
शरीर में खून की कमी
विटामिन बी12 की कमी
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£ (Low Blood Pressure or Hypotension Symptoms
हाइपोटेंशन यानि लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिà¤à¥¤ इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर समय से इसका इलाज किया जाना फायदेमंद होता है। अधिक समय तक इस समसà¥à¤¯à¤¾ के रहने से इंसान को सदमा और कई अनà¥à¤¯ गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ सकता है। लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में इंसान के शरीर में ये पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं।
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकान
चकà¥à¤•र आना
मतली
बेहोशी
नजर धà¥à¤‚धली होना
मन सà¥à¤¥à¤¿à¤° न होना
ठंडी और चिपचिपी तà¥à¤µà¤šà¤¾
बेहोशी
सà¥à¤•िन का पीला पड़ना
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
1. हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾, लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक होती है।
2. हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° के लकà¥à¤·à¤£ जलà¥à¤¦à¥€ दिखते हैं।
3. लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° यानि हाइपोटेंशन में चकà¥à¤•र आना, थकान और धà¥à¤‚धली दृषà¥à¤Ÿà¤¿ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, जबकि उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª में सिरदरà¥à¤¦ और सीने में दरà¥à¤¦ जैसी पà¥à¤°à¤®à¥à¤– समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
4. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की वजह से दौरे पड़ने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है लेकिन लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में यह नहीं होता।
बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के जरूरी उपाय
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव के टिपà¥à¤¸
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचने के लिठनियमित रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करें।
à¤à¥‹à¤œà¤¨ में सोडियम (नमक) की मातà¥à¤°à¤¾ को सीमित रखें और पोटेशियम की मातà¥à¤°à¤¾ को बà¥à¤¾à¤à¤‚।
कम फैट वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने और फल व सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को डाइट में शामिल करें।
नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® जरूर करें।
वजन को हमेशा नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखें, मोटापे की समसà¥à¤¯à¤¾ की वजह से à¤à¥€ हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का खतरा रहता है।
शराब के सेवन और सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग से बचें, इनकी वजह से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों में यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
तनाव और चिंता जैसी मानसिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से बचें।
दवाओं के सेवन से पहले चिकितà¥à¤¸à¤• की सलाह जरूर लें।
लो बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° से बचाव के टिपà¥à¤¸
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ का सेवन कम करें, दिन में छोटे-छोटे पोरà¥à¤¶à¤¨ में कà¥à¤› न कà¥à¤› खाà¤à¤‚ और à¤à¤•साथ पेट à¤à¤°à¤•र खाने से बचें।
शरीर को हमेशा हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखें।
शराब के सेवन और सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग से बचें।
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